“Every Entertainer might be an Artist, but every Artist is definitely not an Entertainer.
A true Artist could burn away that veil while you
stand naked by the mirror … of which you were always afraid of …”


You see the shadow of your personality in your child. Genetically it is possible that your child may possess a few of your features however practically their thought process and way to perceive environment might vary and that is very natural. Each and every person is an isolated being and they are made by the choices they make in life.

“For where there is fear there is courage! 
Where there is NO FEAR… there is only OVER CONFIDENCE.” – Ayushi Singh
The content of this book is a Compilation of poems and stories in Hindi and in the English Language
It cannot be categorized under any particular genre as it is versatile and possess articles from the different aspect of life.
Words of a struggling teenager boy, A love story with incredible sacrifices, A letter by a bride to groom, A message by the Almighty to humanity, A story of worthy friendship, and an ode to dreams.
Some prose are rhythmic others are sporadic
It’s a small gift to humanity with the motive to extend in many other versions.
Message To the Readers:

Yesterday you cried and were convinced!
Today if you cry…you have to be convinced!
So Keep Going….As even Still Water can stale.
LOVE. LIVE. LIFE

एहसासों का आशिॅयाना पाँच लेखको की छोटी कहानियो का संग्रह है और इसकी प्रत्येक कहानी एक अद्वितीय चरित्र की दुनियां में प्रवेश करती है। हर एक लेखक ने इस किताब में बुनी कहानियो के द्वारा कुछ कहने की कोशिश की है, जो आपको इसे पढ़ने के बाद सोचने पर मजबूर कर देगी। इस में प्यार, एहसास, जूनून, जिन्दगी का और उससे जुडी महत्वपूर्ण बाते लेखको ने आपके साथ साझा करने का एक छोटा सा प्रयत्न किया है।
आयुषी सिंह इस युग की लोकप्रिय  कवित्रियों तथा लेखकों की सूची में एक सम्मानित स्थान ग्रहण करती है । हाल में ही  इनकी प्रसिद्ध रचना ‘ जीवन की छावो में ‘ , ‘My Books’ प्रकाशन द्वारा प्रकाशित हुई है। इसके साथ ‘मयूरी ‘ एवं  ‘ गरीब हूँ साहब ‘ इनकी जनता द्वारा बेहद सहरानीय गई रचनाइये  है।
आयुषी  का जन्म १५ मई १९९२  में भारत के उत्तर प्रदेश की नगरी इलाहाबाद में हुआ । इनका बालपन और प्राथमिक शिक्षा यहीं पूर्ण हुई। इन्होने इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री प्राप्त की। तेरह साल की लघु आयु  में
इन्होने भावनाओ को कलम द्वारा व्यक्त करने का हुनर पा लिया था। हुनर और चरित्र का अद्भुत संगम है इनके व्यक्तित्व में। न ही अपने कलम से वरन अपनी आवाज़ से भी ये काफी बलवान मानी गई है। इनमे न ही हम एक लेखिका  का धैर्य पढ़ सकते है बल्कि इनके शब्दो में एक क्रांतिकारी की छवि देख सकते है। नासमझ ही सही इनकी एक ऐसी रचना है जो इनको बहुत प्रिय है। भावनाओ के धागो से पिरोयी हुई इनकी यह रचना आपको यह महसूस करायेगी की आप भी कही न कही इस कहानी से जुड़े हुए हैं ।